विश्व स्वास्थ्य दिवस – स्वस्थ समाज, समृद्ध राष्ट्र 

स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन कहा जाता है। लेकिन बदलते समय के साथ बढ़ती बीमारियों के बीच शरीर को स्वस्थ रखना हम सभी के लिए एक बड़ी चुनौती है। मनुष्य के सर्वांगीण विकास एवं राष्ट्र की उन्नति को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य एक अनिवार्य आवश्यकता है। हम कह सकते हैं कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य मानव जीवन की नींव है, और राष्ट्रीय स्वास्थ्य एक देश का आधार है। इसके साथ ही, किसी भी राष्ट्र में वहां के लोगों के स्वास्थ्य का स्तर उस राष्ट्र की श्रम शक्ति की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है, क्योंकि मानव का स्वास्थ्य आर्थिक विकास की गति से भी संबंधित है। अगर बात करें कोरोना महामारी (Covid pandemic) के समय की, तो कोरोना ने स्वास्थ्य को पहली प्राथमिकता पर लाकर खड़ा कर दिया। कई देशों को कोरोना की वजह से स्वास्थ्य का स्तर गिरने से आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ा। 

विश्व स्वास्थ्य दिवस का इतिहास

7 अप्रैल, 1948 को विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना की गई थी, और विश्व स्वास्थ्य दिवस को मनाने की शुरुआत साल 1950 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी। दुनिया भर में बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं लागू करने, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने एवं स्वास्थ्य संबंधी मामलों से जुड़े सभी मिथकों को दूर करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व स्वास्थ्य दिवस को दुनिया के सामने रखा।  विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़े समस्त देश 1950 से ही इस दिवस को मनाते आ रहे हैं।पिछले 72 वर्षों से विश्व के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार कार्य कर रहा है। यह संगठन संयुक्त राष्ट्र के साथ विशेष एजेंसियों, सरकारी स्वास्थ्य प्रशासन, स्वास्थ्य समूहों और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले अन्य संगठनों के साथ प्रभावी सहयोग स्थापित करता है। 

विश्व स्वास्थ दिवस 2022 की थीम है – ‘हमारा ग्रह, हमारा स्वास्थ्य’ (Our Planet, Our Health)

इस बार विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक स्तर पर स्वास्थ के प्रति ध्यान केंद्रित करने एवं मानव और ग्रह दोनों को स्वस्थ रखने की दिशा में कार्य करेगा। जैसा कि हम जानते हैं कि 2015 में सहस्राब्दि विकास लक्ष्य (Millennium Development Goals) समाप्त हो गए थे, इसलिए इन विकास लक्ष्यों के स्थान पर सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को प्राप्त करने का फैसला लिया गया। यह फैसला संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन united nations summit में लिया गया था।

जब न्यूयार्क में 25 से 27 सितंबर 2015 में महासभा की बैठक आयोजित की गयी थी।  संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में अगले 15 साल के लिए 17 ‘लक्ष्य निर्धारित किये गये थे जिनको 2016 से 2030 की अवधि में हासिल करने का लक्ष्य तय किया गया था। इन सतत विकास लक्ष्यों में से एक है अच्छा स्वास्थ्य और जीवनस्तर। सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े सभी देशों को अपने लोगों को स्वस्थ जीवन देना और सभी के जीवनस्तर में सुधार लाने के लिए कार्य करना अनिवार्य है। 

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शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को कैसे बनाएं बेहतर

आज के समय में, ऑफिस, परिवार या अन्य कामों में लोग इतना व्यस्त रहते हैं  कि अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत का ख्याल नहीं रख पाते, जबकि लोगों की सेहत या स्वास्थ्य से बड़ी और कोई चीज़ नहीं होती। क्योंकि जब आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा तभी आप अपने सभी काम सुचारू रूप से कर पाएंगे।

आइए जानते हैं कि स्वस्थ शरीर के लिए क्या करना है आवश्यक-

  • पौष्टिक आहार लें (Eat a healthy diet):

फल, सब्जियां, नट्स और अनाज सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों का संयोजन बनाकर ही भोजन करें। वयस्कों को प्रतिदिन अपने भोजन में कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियां खानी चाहिए। इसके साथ ही, अपने सेवन में फलों और सब्जियों को समान रूप से शामिल करना भी अनिवार्य है। मौसमी फलों और सब्जियों को खाना और सुबह का नाश्ता पौष्टिक लेना भी आवश्यक है। 

  • कम नमक और चीनी का सेवन करें (Consume less salt and sugar):

ज्यादा नमक के सेवन से उच्च रक्तचाप का खतरा होता है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। ज्यादातर लोग अपना सोडियम नमक के माध्यम से प्राप्त करते हैं। नमक का सेवन प्रति दिन 5 ग्राम (लगभग एक चम्मच के बराबर) तक कम करें। इसके साथ ही, भोजन तैयार करते समय नमक, सोया सॉस, या अन्य उच्च सोडियम मसालों की मात्रा को सीमित रखना आपकी सेहत के लिए आवश्यक है। नमक के ज्यादा सेवन को रोकने के लिए अपने खाने की मेज से नमक, मसाले, नमकीन स्नैक्स को हटाकर कम सोडियम वाले उत्पादों का सेवन करना चाहिए।वहीं, अत्यधिक मात्रा में चीनी का सेवन करने से दांतों में सड़न और वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। वयस्कों और बच्चों दोनों में, चीनी का सेवन कुल भोजन सेवन के 10% से कम होना चाहिए। एक वयस्क के लिए 50 ग्राम चीनी का सेवन का सेवन पर्याप्त है। आप मीठे स्नैक्स, कैंडी और मीठे पेय पदार्थों के सेवन को सीमित करके अपने चीनी का सेवन कम कर सकते हैं।

  • हानिकारक वसा का सेवन कम करें (Reduce intake of harmful fats):

वसा का सेवन आपके कुल ऊर्जा सेवन का 30% से कम होना चाहिए। यह आपका वजन बढ़ने और एनसीडी को रोकने में मदद करेगा। वसा विभिन्न प्रकार के होते हैं, लेकिन असंतृप्त वसा, संतृप्त वसा और ट्रांस-वसा से बेहतर होते हैं। संतृप्त वसा को कुल ऊर्जा सेवन के 10% से कम लेना चाहिए। 

बेहतर असंतृप्त वसा मछली, एवोकैडो और नट्स, और सूरजमुखी, सोयाबीन, कैनोला और जैतून के तेल में पाया जाता हैं। संतृप्त वसा वसायुक्त मांस, मक्खन, नारियल के तेल, क्रीम, पनीर, घी और चरबी में पाया जाता है और ट्रांस-वसा पके हुए और तले हुए खाद्य पदार्थों, और पहले से पैक किए गए स्नैक्स और खाद्य पदार्थ, जैसे कि पिज्जा, कुकीज़, बिस्कुट आदि में पाया जाता है। 

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