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Netflix की फिल्म ‘’मीनाक्षी सुंदरेश्वर’’ क्यों चर्चित है ?

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सबसे पहले तो जब भी मीनाक्षी और सुंदरेश्वर की बात करें तो आजकल इंटरनेट पर सबसे पहले नेटफ्लिक्स Netflix पर अभिमन्यु दसानी और सनाया मल्होत्रा द्वारा अभिनीत फ़िल्म- मीनाक्षी सुंदरेश्वर का नाम और तस्वीरें पहले आती है। एक युवा विवाहित जोड़े की कहानी, जो अपनी ही परिस्थियों से जूझकर अपने रिश्ते में कैसे आगे बढ़ता है। यहाँ हम इन दोनो यानी मीनाक्षी और सुंदरेश्वर की कहानी से पहले उनके बारे में बात करेंगें, जिनके भव्य ऐतिहासिक मंदिर में मीनाक्षी और सुंदरेश्वर अपने विवाह के बाद प्रथम बार आशीर्वाद लेने आते हैं जिनके नाम पर मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर में यह किरदार जुड़ते है क्यूँकि मुझे तो फिल्म वाले और ऐतिहासिक दैवीय लोककथाओं वाले दोनों ही मीनाक्षी और सुंदरेश्वर के किरदारों की कहानी आपतक पहुँचानी है ।

सबसे पहले तो जब भी मीनाक्षी और सुंदरेश्वर की बात करें तो आजकल इंटरनेट पर सबसे पहले नेटफ्लिक्स Netflix पर अभिमन्यु दसानी और सनाया मल्होत्रा द्वारा अभिनीत फ़िल्म- मीनाक्षी सुंदरेश्वर का नाम और तस्वीरें पहले आती है। एक युवा विवाहित जोड़े की कहानी, जो अपनी ही परिस्थियों से जूझकर अपने रिश्ते में कैसे आगे बढ़ता है। यहाँ हम इनदोनो यानी मीनाक्षी और सुंदरेश्वर की कहानी से पहले उनके बारे में बात करेंगें, जिनके भव्य ऐतिहासिक मंदिर में मीनाक्षी और सुंदरेश्वर अपने विवाह के बाद प्रथम बार आशीर्वाद लेने आते हैं, यह जगह थी- भारत के तमिल नाडु राज्य के मदुरई नगर, में स्थित एक ऐतिहासिक मन्दिर-मीनाक्षी सुन्दरेश्वरर मन्दिर या मीनाक्षी अम्मां मन्दिर और netflix नेटफ्लिक्स की कहानी का यह जोड़ा भी स्वयं के मेल को वास्तविक दैवीय मीनाक्षी और सुंदरेश्वर का आशीर्वाद ही मानते थे। आइये आपको सुनाएँ वास्तविक मीनाक्षी और सुंदरेश्वर की कहानी –

कौन थे ये दैवीय अवतार मीनाक्षी और सुंदरेश्वर-

लोककथाओं के अनुसार देवी पार्वती ने पांड्य राजा मलयध्वज और रानी कंचनमाला की घोर तपस्या के फलस्वरूप उनके घर में एक पुत्री के रूप में अवतार लिया था। वयस्क होने पर उसने नगर का शासन संभाला। भगवान शिव पृथ्वी पर सुन्दरेश्वरर के रूप में स्वयं देवी पार्वती पृथ्वी पर [मिनाक्षी] से विवाह रचाने अवतरित हुए।तब भगवान आये और उनसे विवाह प्रस्ताव रखा, जो उन्होंने स्वीकार कर लिया। ये भी कहते हैं कि मीनाक्षी यज्ञ की अग्नि से तीन वर्ष की बालिका के रूप में जन्मी थी। एक पांड्यन शासिका की तरह अपने कुल की नाम, कीर्ति बढ़ाई और शासन भी चलाया। यह कहा जाता है कि देवी मीनाक्षी में अपने वर को पहचाने की क्षमता होगी और यही हुआ भी। इसी मछली जैसी आँखों वाली (मीनाक्षी) के लिए शिव स्वयं सुंदरेश्वर के रूप में मदुरई आए और फिर पार्वती के वर तो शिव ही हो सकते थे, इसलिए जैसे ही मीनाक्षी, सुंदरेश्वर से मिली, उन्हें पहचान गई और अपना वर माना।

कुछ ही दिनों बाद सुंदरेश्वर रूपी शिव ने मीनाक्षी रूपी देवी पारवती से विवाह किया और श्री ह्री विष्णु देवी के भाई बने। यह मीनाक्षी मंदिर इसी भव्य मीनाक्षी सुंदरेश्वर विवाह का प्रतीक है और सभी देवी-देवता इस विवाह में सम्मिलित हुए थे, यह विवाहोत्स्व दक्षिण भारत में बड़ा भव्य माना जाता है और यह मीनाक्षी मंदिर दिव्य। इस मन्दिर से जुड़ा़ हुआ सबसे महत्वपूर्ण उत्सव है मीनाक्षी तिरुकल्याणम, जिसका आयोजन चैत्र मास में होता है। इसी उत्सव के साथ ही तमिल नाडु के अधिकांश मन्दिरों में वार्षिक उत्सवों का आयोजन भी होता है।

इस विवाह को विश्व की सबसे बडी़ घटना माना गया, जिसमें लगभग पूरी पृथ्वी के लोग मदुरई में एकत्र हुए थे। भगवान विष्णु स्वयं, अपने निवास बैकुण्ठ से इस विवाह का संचालन करने आये। कथा के अनुसार इन्द्र के कारण उनको रास्ते में विलम्ब हो गया। इस बीच विवाह कार्य स्थानीय देवता कूडल अझघ्अर द्वारा संचालित हुआ, जिससे बाद में न पहुँचे भगवान विष्णु बहुत क्रोधित हुए कि उनकी बहन का विवाह उनके बिना कैसे हुआ और उन्होंने मदुरई शहर में कभी भी ना आने की प्रतिज्ञा की और वह नगर की सीमा से लगे एक सुन्दर पर्वत अलगार कोइल में बस गये। बाद में उन्हें अन्य देवताओं द्वारा मनाया गया, एवं उन्होंने मीनाक्षी-सुन्दरेश्वरर का पाणिग्रहण कराया।

यह विवाह मीनाक्षी, सुंदरेश्वर के मिलन एवं भगवान विष्णु को शांत करके मनाना, दोनों को ही त्यौहारों के रूप में मनाया जाता है, जिसे चितिरई तिरुविझा या अझकर तिरुविझा कहा जाता है यानी — सुन्दर ईश्वर का त्यौहार।

इस अति मनोहर दिव्य युगल द्वारा नगर पर बहुत समय तक शासन किया गया। यह भी मना जाता है, कि इन्द्र को भगवान शिव की मूर्ति शिवलिंग रूप में मिली और उन्होंने मूल मन्दिर बनवाया। इस प्रथा का पालन आज भी मंदिर में किया जाता है और त्यौहार की शोभायात्रा में देवराज इन्द्र के वाहन को स्थान मिलता है।

यह तो थी मीनाक्षी रूपी पार्वती और सुंदरेश्वर रूपी भगवान शिव की कथा, चलिए अब आपको साधरण किन्तु आज के समय की बेहद सीधी, किन्तु मीठी सी कहानी सुनाते हैं नेटफ्लिक्स Netflix की फिल्म ‘’मीनाक्षी सुंदरेश्वर’’ की।

Netflix नेटफ्लिक्स की मीनाक्षी सुंदरेश्वर फिल्म की कहानी-

फिल्म की कहानी शुरू होती है नवविवाहित जोड़े, मीनाक्षी (सनाया मल्होत्रा sanaya malhotra ) और सुंदरेश्वर (अभिमन्यु दासानी abhimanyu dasani) और . उनका परिवार मीनाक्षी, सुंदरेश्वर मंदिर में आशीर्वाद लेने आता है, फिर यहाँ से कहानी पीछे चलती है कि कैसे इनदोनो के परिवार मिले और किस प्रकार से मीनाक्षी और सुंदरेश्वर का विवाह परिवार की सहमति और दोनों की हाँ के बाद तय हुआ। नेटफ्लिक्स Netflix ने इस मीठी सी प्रेम कहानी को बिल्कुल साधारण किंतु प्रभावशाली तरीके से पर्दे पर उतारा है, मीनाक्षी, जो आज के समय की होकर भी संयुक्त परिवार में सामंजस्य बिठाने का प्रयास कर रही है क्यूंकि विवाह के बाद ही शर्मीले स्वभाव के सुंदरेश्वर को नौकरी के लिये बैंगलोर जाना पड़ता है, जहाँ वह अपने विवाहित जीवन के विषय में किसी से बात नहीं कर सकता।

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