भारतीय संस्कृति में रंग भरने वाले कला के ‌रूप

Post Highlight यह थी कुछ भारतीय चित्रकलाओं की झलक जो भारत के विभिन्न कोनों और वहां के लोगों की संस्कृति और सभ्यता को दर्शाती है। भारतीय समुदाय द्वारा इन्हें परंपरागत रूप से अपनाया भी जाता है। तंजौर, राजपूताना, मुग़ल, मंदाना, मैसूर आदि और भी चित्रकलाएं हैं जो भारत की धरोहर के रूप में संग्रहित हैंContinue reading “भारतीय संस्कृति में रंग भरने वाले कला के ‌रूप”

Why is Singapore the Commercial Capital of the world?

Post Highlights Singapore is seen as the global commercial capital. This blog explains why! #ThinkWithNiche Singapore, when it comes to world-class cities and hubs, has all of the criteria of a Smart City even before the term was coined by urban planners. No visitor to Singapore is left unaffected by the machine-like precision and equally efficient manner in whichContinue reading “Why is Singapore the Commercial Capital of the world?”

इस दीवाली, चित्त करें साफ

Post Highlights उम्मीद करते हैं आप सभी लोग ठीक होंगे। घर की साफ सफ़ाई हो रही होगी या हो चुकी होगी। इन्हीं सब पहलुओं के मध्य हम अक्सर अपने मन को साफ सुथरा करना भूल जाते हैं, क्या आपको नहीं लगता ये एक बेहद आवश्यक काम है। तन की सफाई तो रोज़ ही करते हैंContinue reading “इस दीवाली, चित्त करें साफ”

छठ कोई त्योहार नहीं, एक भावना है

Post Highlights वास्तव में, इस त्योहार की पवित्रता और सुंदरता को बयान करना बहुत ही कठिन कार्य है। इसका पता करने के लिए व्यक्ति को इसे अनुभव करना चाहिए। जो इसे अनुभव करते हैं उनके लिए इससे दूर रहना जैसे असंभव है। पूरे परिवार के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व अत्यंत हर्षोल्लास के साथContinue reading “छठ कोई त्योहार नहीं, एक भावना है”

भारतीय संस्कृति में रंग भरने वाले कला के ‌रूप

Post Highlights यह थी कुछ भारतीय चित्रकलाओं की झलक जो भारत के विभिन्न कोनों और वहां के लोगों की संस्कृति और सभ्यता को दर्शाती है। भारतीय समुदाय द्वारा इन्हें परंपरागत रूप से अपनाया भी जाता है। तंजौर, राजपूताना, मुग़ल, मंदाना, मैसूर आदि और भी चित्रकलाएं हैं जो भारत की धरोहर के रूप में संग्रहित हैंContinue reading “भारतीय संस्कृति में रंग भरने वाले कला के ‌रूप”

हिंदी का सफ़रनामा

Post Highlights हमने इस बात को स्वीकार कर लिया है और किसी को कोई आपत्ति भी नहीं है। आगे बढ़ने के लिए अंग्रेजी बाबू को सीखना ही होगा। उसके लिए माँ-बाप पहले खिचड़ी भाषा सिखाते हैं फिर अंग्रेजी मीडियम में दाखिला करवा के अंग्रेजी बाबू को बोलना सिखवाते हैं। भाषा का सम्मान उसके उपयोगकर्ता परContinue reading “हिंदी का सफ़रनामा”

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