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मैं हिंदी हूँ

Post Highlights बहुत पहले किसी विद्वान् के मुख से ये बात सुनी थी कि देश की तरक्की के पीछे उसकी अपनी एकल भाषा का बहुत महत्वपूर्ण हाथ और साथ होता है। परन्तु हम जिस देश में रहते हैं, वहां पर बोली जाने वाली भाषाओँ और बोलियों की गिनती करना थोड़ा मुश्किल है। साथ ही साथContinue reading “मैं हिंदी हूँ”

हिंदी का सफ़रनामा

Post Highlights हमने इस बात को स्वीकार कर लिया है और किसी को कोई आपत्ति भी नहीं है। आगे बढ़ने के लिए अंग्रेजी बाबू को सीखना ही होगा। उसके लिए माँ-बाप पहले खिचड़ी भाषा सिखाते हैं फिर अंग्रेजी मीडियम में दाखिला करवा के अंग्रेजी बाबू को बोलना सिखवाते हैं। भाषा का सम्मान उसके उपयोगकर्ता परContinue reading “हिंदी का सफ़रनामा”